Commonwealth Games ग्लास्गो में मुक्केबाजों और पैरा एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन
फील्ड खिलाड़ियों ने भी ऐतिहासिक प्रदर्शन करके राष्ट्रमंडल खेलों में शनिवार का दिन भारत के लिये यादगार बना दिया। खेल के दसवें दिन भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य समेत 39 पदक लेकर तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया। आस्ट्रेलिया के 61 स्वर्ण पदक हैं जबकि इंग्लैंड दूसरे और कनाडा तीसरे स्थान पर है।
मुक्केबाजों ने किया रिंग में कमाल : मौजूदा विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया (57 किलो) , प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो) , अरूंधति चौधरी (70 किलो) , प्रिया घंघास (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। वहीं ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पुरूष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश (70 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह और 90 प्लस किलो स्पर्धा में नरेंदर बेरवाल ने रजत पदक जीता। इससे पहले भारत ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण समेत सात पदक जीते थे।
जूडो में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन : जूडो खिलाड़ी उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा से कम भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का इस स्पर्धा में ऐतिहासिक अभियान जारी रखा। यह जूडो में भारत का रिकॉर्ड चौथा पदक है। उन्नति ने शानदार तकनीक का प्रदर्शन करते हुए अपने पैर से दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोएस्टर स्काई का संतुलन बिगाड़ा और फिर उन्हें पीठ के बल पटककर इप्पोन हासिल कर मुकाबला महज एक मिनट सात सेकेंड में खत्म कर कांस्य पदक जीत लिया। जूडो में इप्पोन सबसे बड़ा स्कोर होता है और इसके साथ ही मुकाबला तुरंत समाप्त हो जाता है। भारत के इस ऐतिहासिक अभियान की अगुआई हर्ष सिंह (पुरुष 60 किग्रा) और अस्मिता डे (महिला 48 किग्रा) ने की। दोनों अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों की जूडो प्रतियोगिता में भारत के पहले स्वर्ण पदक विजेता बने। यामिनी मौर्य ने महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत के रिकॉर्ड पदक अभियान में अपना योगदान दिया। भारत के पास रविवार को प्रतियोगिता के अंतिम दिन इस रिकॉर्ड पदक संख्या में और इजाफा करने का मौका होगा। ईशरूप नारंग (महिला 78 किग्रा), अवतार सिंह (पुरुष 100 किग्रा) और यश घंघास (पुरुष 100 किग्रा से अधिक) अभी भी पदक की दौड़ में बने हुए हैं।



