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धर्मेंद्र प्रधान का Exit और प्रह्लाद जोशी की Entry के बाद CJP ने खत्म किया विरोध प्रदर्शन, अब आगे क्या?

कॉकरोच जनता पार्टी के छात्र आंदोलन के भारी दबाव के बाद केंद्र सरकार ने शनिवार को छात्रों की सभी मांगें मान ली हैं। इसके साथ ही धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है। मोदी सरकार के 12 सालों से ज्यादा के कार्यकाल में किसी कैबिनेट मंत्री को इस तरह हटाए जाने की यह पहली बड़ी घटना है, जिसे बीजेपी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका और विपक्ष के लिए बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।

छात्रों की मांगें मंजूर: नीट विवाद की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने पर सरकार मान गई है।

परीक्षा सिस्टम में सुधार पर होगी बात: चार हफ्ते बाद सरकार और सीजेपी के बीच दोबारा बैठक होगी, जिसमें परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बड़े बदलावों पर चर्चा की जाएगी।

बढ़ती राजनीतिक हलचल: नीट विवाद ने बीजेपी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार अपने राजनीतिक नुकसान को कम करने में जुटी है।

छात्रों पर हुई एफआईआर होंगी वापस

सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मुख्य शर्तों को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत नीट अभ्यर्थियों में जिन छात्रों ने आत्महत्या की थी, उनके परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली और बीजेपी शासित राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज केस वापस लिए जाएंगे। दोनों पक्षों के बीच चार हफ्ते बाद होने वाली अगली बैठक में परीक्षा सिस्टम में सुधार के रोडमैप पर बात होगी।

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