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Arab Spring 2.0: फ्रांस, इटली, पोलैंड, ग्रीस, सर्बिया…सब जगह युवा क्यों कर रहे हंगामा?

यूरोप की जो दुनिया को तरक्की, ताकत और लोकतंत्र का पाठ पढ़ाता है। आज उसी यूरोप की सड़कों पर गुस्सा उबल रहा है। फ्रांस से सर्बिया, इटली से स्पेन समेत यूरोप के कई देशों तक महंगाई, बेरोजगारी और मकानों के आसमान छूते किराए से युवा परेशान है। सड़कों पर प्रदर्शन, पुलिस से टकराव और अब विरोध का कैलेंडर। ऐसे में सवाल है क्या यूरोप में 2010 जैसी अरब स्प्रिंग की आहट सुनाई देने लगी है? फ्रांस से जो हिंसा शुरू हुई, जो प्रोटेस्ट शुरू हुआ वो धीरे-धीरे यूरोप के और भी कई देशों में फैल चुका है। कहीं युवा भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं, तो कहीं महंगाई और बेरोजगारी ने सरकारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हो रही हैं, जबकि कुछ देशों में छात्र आंदोलन इस मुकाम पर पहुंच चुके हैं जहां वे चुनावी राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं।

यूरोप से लेकर एशिया तक युवा सड़कों पर हैं और सरकारों के प्रति जनता का आक्रोश साफ देखा जा सकता है। फ्रांस से लेकर सर्बिया और इटली से लेकर इंडोनेशिया तक, कई देशों में छात्र आंदोलनों ने जोर पकड़ लिया है। युवा भ्रष्टाचार, महंगाई और बदहाल शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकारों से जवाब मांग रहे हैं। फ्रांस में छात्र प्रदर्शनों के बीच एक नारा काफी चर्चा का विषय बन गया है—”बिस्मिल्लाह से ले तेनब्रे” (Bismillah se le tenbre), जिसका अर्थ निकाला गया “ईश्वर के नाम पर, यह अंधकार है।” दावा किया जाता है कि यह वाक्यांश सोशल मीडिया पर एक मैसेज के स्क्रीनशॉट से निकला। हालांकि, फ्रेंच भाषा में यह कोई व्याकरण के अनुसार सही वाक्य नहीं है, फिर भी अपनी अजीबोगरीब बनावट और शब्दों के अनूठे मेल के कारण यह लोगों की जुबान पर चढ़ गया। ठीक इसी तरह भारत में भी जुलाई के छात्र आंदोलनों के दौरान एक स्लैंग “वास्ते गुनाह्या” वायरल हुआ था, जिसका अपना कोई खास मतलब नहीं था। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस का यह नारा सबसे पहले स्नैपचैट पर सामने आया। वहां एक शख्स ने छात्र प्रदर्शनकारियों के प्राइवेट चैट ग्रुप में शामिल होने के लिए अलग-अलग प्रोफाइल बनाकर लोगों को संदेश भेजे थे। उस मैसेज में उसने लिखा था बिस्मिल्लाह से ले तेनब्रे, और उसके आगे लिखा था हम सब कुछ तोड़ देंगे। कुछ यूजर्स को इस मैसेज की भाषा अजीब और मजाकिया लगी, जिसके बाद उन्होंने इसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर कर दिए। धीरे-धीरे यह जुमला वायरल होकर प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों तक पहुंच गया।

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