कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुरू किया खेत बचाओ अभियान, नकली बीज पर सख्ती
“खेत बचाओ, जीवन बचाओ” के संदेश के साथ आज मुजफ्फरपुर की धरती से खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद का शुभारम्भ माननीय मंत्री कृषि विभाग विजय कुमार सिन्हा के द्वारा किया गया। कृषि मंत्री ने कहा कि “खेत बचाओ, जीवन बचाओ” केवल संदेश नहीं, बल्कि धरती, किसान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का हमारा संकल्प है। खेत सुरक्षित होंगे, मिट्टी स्वस्थ होगी और किसान समृद्ध होंगे, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। आइए, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के विज़न के अनुरूप खेतों के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाएँ और समृद्ध बिहार की नई इबारत लिखें।
कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी खेत बचाओ अभियान प्रारंभ हुआ है। बिहार में भी इस अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। आज 26 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर की धरती से हम इस अभियान को नई गति देने और गाँव-गाँव तक पहुँचाने का संकल्प लेते हैं। यह अभियान 30 नवंबर, 2026 तक संचालित होगा। सिन्हा ने कहा कि खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद’ किसानों की समृद्धि, मिट्टी के संरक्षण, महिला उद्यमिता, युवा रोजगार और श्रमिकों के सम्मान को एक साथ जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। हमारा संकल्प है कि कृषि सशक्त हो, गाँव समृद्ध बनें और बिहार विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करे।
हमें समझना होगा कि आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग खेती की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए मिट्टी की जाँच, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा और वैज्ञानिक सलाह के आधार की का संतुलित प्रयोग करना चाहिए। महत्वपूर्ण यह नहीं है कि खेत में कितनी खाद डाली गई, बल्कि यह है कि मिट्टी की जरूरत के अनुसार खाद का कितना सही उपयोग किया गया। विजय कुमार सिन्हा ने कृषि जन कल्याण संवाद के अंतर्गत किसानों से संवाद करते हुए कहा कि नकली खाद एवं नकली बीज की बिक्री पर रोक लगाने तथा ऐसे मामलों को उजागर करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि नकली उर्वरकों के उत्पादन एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, ऐसे मामलों का पर्दाफाश करने तथा दोषियों की पहचान उजागर करने वाले अधिकारियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान की सफलता के लिए किसानों की भागीदारी सबसे जरूरी है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि शारदीय (खरीफ) मौसम में पूरे बिहार में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें 6,19,436 किसानों ने भाग लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल रहीं। यह भागीदारी बताती है कि हमारे किसान मिट्टी के स्वास्थ्य और खेतों के संरक्षण के प्रति जागरूक हो रहे हैं।



