Adani Ports की ब्रिटेन में बड़ी तैयारी, Associated British Ports के साथ 10 Billion Pounds की मेगा डील पर नजर
गौतम अदाणी समूह की कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन एक बार फिर वैश्विक विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी करती दिखाई दे रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी ब्रिटेन की सबसे बड़ी बंदरगाह संचालक कंपनी एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स के अधिग्रहण की संभावना पर विचार कर रही है। हालांकि अभी यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है और इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि कंपनी औपचारिक प्रस्ताव भी पेश करेगी या नहीं।
बता दें कि अदाणी पोर्ट्स ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कंपनी बाजार में चल रही अटकलों या अफवाहों पर टिप्पणी नहीं करती। कंपनी का कहना है कि वह लगातार ऐसे अवसरों का मूल्यांकन करती रहती है जो उसकी दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप हों और सभी हितधारकों के लिए स्थायी मूल्य पैदा कर सकें।
मौजूद जानकारी के अनुसार, एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स में कनाडा की निवेश संस्थाएं सीपीपी इन्वेस्टमेंट्स और ओंटारियो म्यूनिसिपल एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम की लगभग 64 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यदि यह सौदा आगे बढ़ता है तो कंपनी का मूल्य 10 अरब पाउंड से अधिक आंका जा सकता है। हालांकि दोनों निवेश संस्थाओं और एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनियों ने इस संभावित सौदे में रुचि दिखाई थी। रिपोर्टों के अनुसार, केकेआर, ब्लैकरॉक के स्वामित्व वाली ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स, ब्रुकफील्ड एसेट मैनेजमेंट और दुबई की डीपी वर्ल्ड जैसी कंपनियां भी शुरुआती स्तर पर इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक बोली नहीं लगाई गई है।
यदि अदाणी पोर्ट्स यह अधिग्रहण करने में सफल रहती है तो यह उसका अब तक का सबसे बड़ा विदेशी सौदा होगा। इससे कंपनी को यूरोप की सबसे बड़ी व्यापारिक अर्थव्यवस्थाओं में से एक ब्रिटेन में मजबूत परिचालन आधार मिलेगा। साथ ही वैश्विक समुद्री कारोबार में उसकी हिस्सेदारी और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में अदाणी पोर्ट्स ने भारत के बाहर भी तेजी से अपना विस्तार किया है। कंपनी ने इजराइल के हैफा बंदरगाह में गडोट समूह के साथ साझेदारी के तहत लगभग 1.18 अरब डॉलर का निवेश किया था, जिसमें उसकी 70 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा श्रीलंका के कोलंबो पश्चिम अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल और तंजानिया के दार एस सलाम कंटेनर टर्मिनल में भी कंपनी ने परिचालन शुरू कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया के नॉर्थ क्वींसलैंड निर्यात टर्मिनल भी उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार का हिस्सा है।
भारत में अदाणी पोर्ट्स देश की सबसे बड़ी निजी बंदरगाह संचालक कंपनी मानी जाती है। कंपनी के पास 15 बंदरगाहों और टर्मिनलों का नेटवर्क है, जिनकी संयुक्त माल संभालने की क्षमता लगभग 627 मिलियन टन प्रतिवर्ष है। इसके प्रमुख बंदरगाहों में मुंद्रा, हजीरा, दहेज, धामरा, कृष्णापट्टनम, गंगावरम, गोपालपुर, कट्टुपल्ली और विझिंजम शामिल हैं। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 500 मिलियन टन माल का संचालन किया था। अब उसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक इस क्षमता को बढ़ाकर एक अरब टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का है।



