उत्तर प्रदेशफ्लैश न्यूजभारतराष्ट्रीय

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: गंभीर अपराधों में नहीं मिलेगी राहत, दंड विधि संशोधन अध्यादेश 2026 को मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उप्र. दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) संशोधन अध्यादेश-2026 को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के तहत अब गंभीर अपराधों में राहत या स्वतः समाप्ति (एबेट) की व्यवस्था पर रोक लगेगी।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, अधिनियम 1979 की धारा-9 में संशोधन करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि गैर-समझौता योग्य (नॉन-कंपाउंडेबल) अपराध, अनिवार्य कारावास वाले अपराध और दोहराए गए (सब्सीक्वेंट) अपराध अब स्वतः समाप्त नहीं होंगे। यह निर्णय उच्चतम न्यायालय में लंबित मामले के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, जिससे कानून व्यवस्था को और सख्त बनाया जा सके।

ट्रैफिक उल्लंघन पर भी खत्म होगी ढिलाई

अब तक मोटर वाहन अधिनियम के तहत कई मामलों में समय बीतने पर कार्रवाई स्वतः समाप्त हो जाती थी, लेकिन नए संशोधन के बाद ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को भी राहत नहीं मिलेगी और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

Related Articles

Back to top button

mahjong ways

slot777