लखनऊ: जनभवन में सजेगा भक्ति का दरबार, 5100 कन्याओं का पूजन करेंगा प्रेरणा परिवार
नवरात्रि के अवसर पर लखनऊ के जनभवन परिसर में आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 17 अक्टूबर को प्रेरणा परिवार की ओर से 5100 कन्याओं का पूजन किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। लखनऊ और आसपास की ग्रामीण बस्तियों से आने वाली कन्याओं का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संजोने के साथ समाज में अपनत्व और समरसता की भावना को मजबूत करना है।
चरण प्रक्षालन, तिलक और चुनरी से होगा स्वागत
प्रेरणा परिवार संस्था के अध्यक्ष गुंजित कालरा ने गुरुवार को विश्व संवाद केंद्र, जियामऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनभवन पहुंचने वाली कन्याओं का चरण प्रक्षालन किया जाएगा। इसके बाद तिलक लगाकर और चुनरी भेंटकर उनका स्वागत किया जाएगा। आयोजन में कन्याओं को भोजन प्रसाद, दक्षिणा और उपहार भी दिए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें कॉपी, कलम और पुस्तकें भेंट की जाएंगी, ताकि धार्मिक परंपरा के साथ शिक्षा के महत्व को भी प्रोत्साहित किया जा सके।
इंद्रेश कुमार और रागिनी सोना भी होंगी शामिल
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार और ‘हनुमान अंश’ की निर्माता रागिनी सोना विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। आयोजन में बड़ी संख्या में कन्याओं की भागीदारी के जरिए सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
11 युवा दंपतियों ने मिलकर बनाई थी संस्था
यह जानकारी विश्व संवाद केंद्र, जियामऊ में , गुरुवार को प्रेरणा परिवार संस्था के अध्यक्ष गुंजित कालरा ने दी। उन्होंने बताया कि कन्याओं के पहुंचने पर चरण प्रक्षालन, तिलक और चुनरी भेंटकर स्वागत किया जाएगा। उन्हें भोजन प्रसाद, दक्षिणा, उपहार, कॉपी, कलम और पुस्तकें भी दी जाएंगी। सचिव शिखा भार्गव ने बताया कि सांस्कृतिक विरासत को संजोने के उद्देश्य से मार्च 2024 में 11 युवा दंपतियों के सहयोग से संस्था का गठन हुआ था। प्रशांत भाटिया ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक समरसता बढ़ाना और समाज में अपनत्व का भाव मजबूत करना है। श्लोक चौधरी,यशवर्धन अग्रवाल और अभिनव भार्गव के अनुसार, जनभवन में यह तीसरा कन्या पूजन कार्यक्रम होगा।
परंपरा के साथ सामाजिक समरसता का संदेश
आयोजकों के अनुसार, कन्या पूजन के इस आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ शिक्षा और सामाजिक एकजुटता को भी महत्व दिया जाएगा। कन्याओं को शैक्षिक सामग्री और उपहार देकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया जाएगा। प्रेरणा परिवार का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों से सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज में आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।



