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UP : भाजपा के आगे सपा ने प्रत्याशी उतारने की नहीं दिखाई हिम्मत

राज्यसभा चुनाव में भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के बीच मंगलवार को नामांकन के आखिरी दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सभी आठ प्रत्याशियों ने विधान भवन पहुंचकर पर्चा दाखिल किया। सपा ने तमाम दावे ने बावजूद तीसरा प्रत्याशी उतारने की हिम्मत नहीं दिखाई, ऐसे में सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन तय है।

राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों में भाजपा ने यूपी से मंगलवार को धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार के नामांकन के दौरान विधान भवन परिसर में चुनावी ताकत का संदेश दिया। नामांकन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत सरकार के कई मंत्री और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं। नामांकन से पहले प्रत्याशी और शीर्ष नेता मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और आशीर्वाद लेकर पार्टी मुख्यालय पहुंचे। वहां से सभी सामूहिक रूप से विधान भवन के लिए रवाना हुए।

सपा के पीछे हटने से मुकाबला खत्म

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को प्रत्याशी बनाया था। तीसरी सीट के लिए कई दिनों से चल रही अटकलों के बीच अखिलेश यादव ने साफ किया कि पार्टी का फोकस तीन राज्यसभा सीटों पर नहीं, बल्कि विधानसभा की सभी 403 सीटों पर है। इसके साथ ही सपा के तीसरे प्रत्याशी उतारने की संभावना खत्म हो गई। संख्या बल के लिहाज से भाजपा के आठवें प्रत्याशी को लेकर चुनाव से पहले पेंच था। ऐसे में तीसरा प्रत्याशी उतरता तो क्रॉस वोटिंग और अतिरिक्त समर्थन जुटाने को लेकर दोनों खेमों में जोर-आजमाइश होती।

वर्ष 2027 से पहले भाजपा को बढ़त

राज्यसभा चुनाव का निर्विरोध होना भाजपा के लिए विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है। वहीं सपा ने अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाने की चुनौती लेने के बजाय विधानसभा चुनाव पर फोकस करने का फैसला किया है। राज्यसभा का चुनाव भले ही बिना मतदान के तय हो गया हो, लेकिन दोनों दलों की रणनीति ने वर्ष 2027 की सियासी लड़ाई के संकेत जरूर दे दिए हैं। वहीं, सपा की ओर से तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारे जाने पर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “अखिलेश जी, बस हो गया टांय-टांय फिस्स।”

टिकट न मिलने पर कौशल किशोर के परिवार में नाराजगी

भाजपा से राज्यसभा का टिकट न मिलने से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मोहनलालगंज के पूर्व सांसद कौशल किशोर के परिवार की नाराजगी सामने आई है। उनके बेटे और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास किशोर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जिस परिवार में मां-बाप का मान और सम्मान न हो, उस परिवार में नहीं रहना चाहिए।” पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘जय अंबेडकर, जय संविधान, जय पारख’ लिखा।

वर्ष 2027 से पहले भाजपा को बढ़त

राज्यसभा चुनाव का निर्विरोध होना भाजपा के लिए विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है। वहीं सपा ने अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाने की चुनौती लेने के बजाय विधानसभा चुनाव पर फोकस करने का फैसला किया है। राज्यसभा का चुनाव भले ही बिना मतदान के तय हो गया हो, लेकिन दोनों दलों की रणनीति ने वर्ष 2027 की सियासी लड़ाई के संकेत जरूर दे दिए हैं। वहीं, सपा की ओर से तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारे जाने पर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “अखिलेश जी, बस हो गया टांय-टांय फिस्स।”

टिकट न मिलने पर कौशल किशोर के परिवार में नाराजगी

भाजपा से राज्यसभा का टिकट न मिलने से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं मोहनलालगंज के पूर्व सांसद कौशल किशोर के परिवार की नाराजगी सामने आई है। उनके बेटे और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष विकास किशोर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जिस परिवार में मां-बाप का मान और सम्मान न हो, उस परिवार में नहीं रहना चाहिए।” पोस्ट के अंत में उन्होंने ‘जय अंबेडकर, जय संविधान, जय पारख’ लिखा।

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