छात्रों ने गेट बंदकर किया प्रदर्शन, कुलानुशासक टीम से हुई नोकझोंक, जानें क्या है पूरा मामला
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा छात्रावासों में मेस की जांच और छात्र-छात्राओं के साथ सौहार्दपूर्ण मिलन के बाद भी उनके प्रयासों पर पानी फिर जा रहा है। विश्वविद्यालय के नए परिसर में फीस जमा होने के बाद भी होमी जहांगीर भाभा हॉस्टल का मेस बंद होने पर छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया।
दो दर्जन से अधिक छात्रों ने विश्वविद्यालय का गेट नंबर एक बंद कर दिया और नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। छात्रों का आरोप है कि मेस का पैसा वसूल कर लेने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने 29 सितंबर से मेस पर ताला बंद किया है जिससे उन्हें बाहर से खाना मंगवाना पड़ रहा है।
छात्रों का आरोप है कि रोज ही बाहर से खाना और नास्ता मंगाना पड़ रहा है जिससे उनकी जेब भी ढीली हो रही है और खाने की गुणवत्ता भी खराब रहती है। कुल 125 छात्रों से मोटी रकम वसूली के बाद मेस को बंद कर दिया गया है। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी छात्रों को समझाने बुझाने का प्रयास करते रहे। वहीं, प्रदर्शन के दौरान एक छात्र का पैर एक चार पहिया के नीचे आने के बाद छात्रों का गुस्सा और अधिक भड़क गया। जिसके बाद छात्रों की प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के साथ तीखी नोकझोंक शुरु हो गई।
अविलंब मेस शुरू करने की मांग
छात्रों का कहना है कि जबतक मेस शुरू नहीं किया जाता उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पूरा शुल्क वसूलने के बाद भी आखिरकार विश्वविद्यालय ने मेस क्यों बंद रखा है। इसकी जानकारी भी किसी छात्र को नहीं दी गई है।
मेस का खाना खाने पर बीमार हुई छात्राएं, प्रदर्शन
लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित कुलसचिव कार्यालय के बाहर सैकड़ों की तादाद में बुधवार देर शाम छात्राओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दिया। छात्राओं का कहना है कि कैलाश छात्रावास में खराब खाना खाने से मंगलवार को कई छात्राओं की तबियत बिगड़ गई थी।आरोप है कि खाने में कई तरह के अपशिष्ट निकले।



