खेल-खिलाड़ी

हॉकी में भारत की गोलों की बारिश, स्कीट में कांस्य; स्क्वॉश में क्वार्टर फाइनल की दस्तक

नागोया/काकामिगाहारा। एशियाई खेलों में भारत का अभियान गुरुवार को कई खेलों में शानदार रहा। हॉकी में भारतीय पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 8-2 से रौंदकर लगातार तीसरी बड़ी जीत दर्ज की। निशानेबाजी में अनंत जीत सिंह नरुका और परिनाज धालीवाल ने मिश्रित टीम स्कीट में कांस्य पदक अपने नाम किया। वहीं स्क्वॉश में अनाहत सिंह, तन्वी खन्ना, अभय सिंह और वीर चोटरानी ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। बैडमिंटन में अब नजरें व्यक्तिगत स्पर्धाओं पर हैं, जहां लक्ष्य सेन और पीवी सिंधू के सामने मुश्किल चुनौतियां होंगी।

हॉकी में भारत का तूफानी प्रदर्शन, कोरिया को 8-2 से हराया

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में गोलों की बारिश करते हुए दक्षिण कोरिया को 8-2 से मात दी। भारत की ओर से अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल दागे, जबकि शिलानंद लाकड़ा, सुखजीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह और राजिंदर सिंह ने एक-एक गोल किया। भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया।

शिलानंद ने चौथे मिनट में खाता खोला, इसके बाद सुखजीत और कप्तान हरमनप्रीत ने भी गोल कर भारत की बढ़त मजबूत कर दी। अभिषेक और दिलप्रीत के गोलों ने कोरिया पर दबाव और बढ़ा दिया। कोरिया की ओर से किम जाएहो और किम योंगबोक ने गोल किए, लेकिन भारतीय आक्रमण के सामने उनकी टीम टिक नहीं सकी। भारत इससे पहले इंडोनेशिया को 13-1 और श्रीलंका को 16-1 से हरा चुका है। अब 26 सितंबर को भारत की भिड़ंत जापान से होगी।

स्कीट में अनंत जीत-परिनाज की जोड़ी ने जीता कांस्य

निशानेबाजी में भी भारत के लिए पदक आया। अनंत जीत सिंह नरुका और परिनाज धालीवाल ने मिश्रित टीम स्कीट में कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 44 का स्कोर करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। दोनों ने फाइनल की छह सीरीज में लगातार अपना प्रदर्शन बेहतर किया। उनका स्कोर 7 से शुरू होकर 14, 21, 29, 36 और आखिर में 44 तक पहुंचा। क्वालीफिकेशन में भारतीय जोड़ी ने 138 का स्कोर बनाकर चौथे स्थान के साथ फाइनल में जगह बनाई थी। इस पदक के साथ एशियाई खेलों में भारत की निशानेबाजी में पदकों की संख्या आठ हो गई है, जिसमें चार रजत और चार कांस्य शामिल हैं।

स्क्वॉश में अनाहत-तन्वी आमने-सामने

स्क्वॉश कोर्ट पर भी भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन जारी रहा। महिला एकल में अनाहत सिंह और तन्वी खन्ना ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब अगले दौर में दोनों भारतीय खिलाड़ी आमने-सामने होंगी। अनाहत ने सिंगापुर की वाई इयिन औ येओंग को सिर्फ 19 मिनट में 3-0 से हराया। तन्वी ने भी सिंगापुर की वाई यान औ येओंग को 3-1 से मात देकर अंतिम आठ में प्रवेश किया।

पुरुष एकल में अभय सिंह ने श्रीलंका के रविंदु लक्सिरी को 3-0 से हराया। अब उनका सामना क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान के रयोउनोसुके से होगा। वीर चोटरानी ने भी कड़े मुकाबले में मलेशिया के संजय जीवा को 3-2 से हराया। अब उनकी भिड़ंत पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगी। मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने हमवतन सूरज चंद और शमीना रियाज को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

बैडमिंटन में लक्ष्य-सिंधू के सामने मुश्किल राह

बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों के सामने अब व्यक्तिगत स्पर्धाओं की चुनौती है। लक्ष्य सेन और पीवी सिंधू को मुश्किल ड्रॉ मिला है, जबकि गत चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी खिताब बचाने के अभियान पर उतरेगी। पुरुष टीम ने इस बार कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में भारत को चीन ने 3-1 से हराया था। महिला टीम क्वार्टर फाइनल में जापान से हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गई।

लक्ष्य सेन को दूसरे दौर में सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू का सामना करना होगा। इस मुकाबले में जीत के बाद उनके सामने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी की चुनौती आ सकती है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू को भी आसान रास्ता नहीं मिला है। दूसरे दौर में उनका सामना जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त तोमोका मियाजाकी से होगा। जीतने पर अगले दौर में चीन की चेन युफेई से मुकाबला हो सकता है।

सात्विक-चिराग की नजरें फिर स्वर्ण पर

गत चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी इस बार भी स्वर्ण पदक पर नजरें टिकाए हैं। भारतीय जोड़ी पहले दौर में थाईलैंड के पी. सुकपुन और पक्कापोन तीरात्साकुल से भिड़ेगी। महिला युगल में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी भी पदक की उम्मीद के साथ उतरेगी। उनके सामने पहले दौर में हांगकांग की लोक लोक लुइ और हियु यान सांग की चुनौती होगी।

भारत के लिए पदकों की उम्मीद बरकरार

एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने हॉकी, निशानेबाजी और स्क्वॉश में दमदार प्रदर्शन कर पदक की उम्मीदें मजबूत कर दी हैं। अब बैडमिंटन के व्यक्तिगत मुकाबलों में लक्ष्य, सिंधू और सात्विक-चिराग पर भी नजरें रहेंगी।

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