12 साल बाद पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम ने जीता एशियन गेम्स मेडल, बांग्लादेश को 31 रन से हराया
आइची- नागोया, (जापान): 20वें एशियन गेम्स के महिला क्रिकेट ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 31 रन से हराकर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम ने 12 साल बाद एशियन गेम्स में कोई पदक जीता है। पाकिस्तान की जीत में कप्तान फातिमा सना का अहम योगदान रहा।
मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 145 रन बनाए और बांग्लादेश के सामने 146 रन का लक्ष्य रखा। इसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर 114 रन ही बना सकी।
शरमीन अख्तर ने बनाए सबसे ज्यादा रन
बांग्लादेश की ओर से शरमीन अख्तर ने सबसे ज्यादा 46 रन की पारी खेली। कप्तान निगार सुल्ताना ने 25 रन बनाए, जबकि ओपनर दिलारा अक्तर के बल्ले से 12 रन निकले। इन खिलाड़ियों के अलावा बांग्लादेश की ज्यादातर बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकीं। नतीजतन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और उसे 31 रन से हार का सामना करना पड़ा।
उम्म-ए-हनी की घातक गेंदबाजी
पाकिस्तान की गेंदबाजी में उम्म-ए-हनी सबसे सफल रहीं। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। उनके अलावा नशरा संधू, तुबा हसन, तस्मिया रुबाब और कप्तान फातिमा सना ने एक-एक विकेट लिया।
फातिमा सना ने खेली कप्तानी पारी
इससे पहले पाकिस्तान की पारी में कप्तान फातिमा सना ने शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 30 गेंदों पर 3 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 45 रन बनाए। वह पाकिस्तान की सबसे सफल बल्लेबाज रहीं।
फातिमा सना के अलावा गुल फिरोजा ने 31 रन और आलिया रियाज ने 25 रन का योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत पाकिस्तान की टीम 145 रन का स्कोर खड़ा करने में सफल रही।
12 साल बाद पाकिस्तान के खाते में आया पदक
बांग्लादेश को हराकर पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में 12 साल बाद पदक जीता है। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2014 के एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल हासिल किया था। उस प्रतियोगिता में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हिस्सा नहीं लिया था।
इसके बाद 2018 के एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल नहीं किया गया था। वहीं, 2023 के एशियन गेम्स में खेले गए ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को हराया था। इस बार पाकिस्तान ने बांग्लादेश को मात देकर पिछली हार का हिसाब बराबर कर लिया।



