Ram Mandir Donation Scam के बाद SIT जांच तेज, मंदिर प्रशासन ने लागू की Strict Security और नई Guidelines
अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी की घटना ने मंदिर के रोज़मर्रा के प्रशासनिक कामकाज को एक कड़े सुरक्षा वाले ऑपरेशन में बदल दिया है। गबन का मामला सामने आने के कुछ हफ़्तों बाद, श्री राम जन्मभूमि मंदिर प्रशासन ने दान की गिनती की प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं। इसके तहत दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, कर्मचारियों की अनिवार्य तलाशी ली जा रही है और श्रद्धालुओं के चढ़ावे की सुरक्षा के लिए सुरक्षा इंतज़ाम बढ़ाए गए हैं। नए नियमों के तहत, दान की गिनती वाले कमरे में जाने पर कड़ी पाबंदी लगाई गई है और दान को संभालने के काम को बेहतर सुरक्षा उपायों के दायरे में लाया गया है।
नई गाइडलाइंस में ये बातें शामिल हैं:
अब दान की गिनती दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत की जाती है, जिसमें पुलिसकर्मी और निजी सुरक्षा एजेंसी SIS के कर्मचारी मिलकर इस प्रक्रिया की निगरानी करते हैं।
पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर के बेसमेंट में बने गिनती कक्ष के प्रवेश द्वार पर पुलिस और SIS के जवान संयुक्त रूप से पहरा देते हैं, और कर्मचारियों को दो स्तरों की सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाती है।
गिनती कक्ष से बाहर निकलने से पहले कर्मचारियों की अनिवार्य रूप से तलाशी ली जाती है, और अंदर कोई भी निजी सामान या अन्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होती है।
हर शिफ्ट के दौरान छह से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जबकि लगभग 23 कर्मचारी दान की गिनती की प्रक्रिया में लगे होते हैं।
प्रत्येक गिनती सत्र के बाद, दान गिनती कक्ष को सील कर दिया जाता है और ताला लगने के बाद ही कर्मचारियों को बाहर जाने की अनुमति दी जाती है।
मंदिर प्रशासन ने सटीक गिनती, दान के सुरक्षित रखरखाव और गिनती कक्ष को समय पर सील करने को सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं।
गबन की जांच जारी रहने के बीच सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। मंदिर के दान में चोरी का मामला 7 जून को सामने आया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई। SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज की गई और जांच अभी भी चल रही है।




