Canada के Alberta में 76% वोटरों ने नकारा अलगाव का प्रस्ताव
कनाडा के तेल समृद्ध अल्बर्टा प्रांत के मतदाताओं ने देश से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मंगलवार तड़के आए नतीजों से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और कनाडा की एकता के समर्थकों को जीत मिली है। यह मतदान ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ व्यापार युद्ध छेड़ रखा है और उसे अपने देश में मिलाने की धमकी भी दी है।
यह जनमत संग्रह सीधे तौर पर स्वतंत्रता के मुद्दे पर नहीं था, बल्कि इसके जरिए अल्बर्टा को कनाडा से अलग होने को लेकर भविष्य में एक और मतदान की दिशा में आगे बढ़ाना था। दस लाख से अधिक मतों की गिनती के बाद करीब 76 प्रतिशत मतदाताओं ने कनाडा के साथ बने रहने का समर्थन किया, जबकि 23 प्रतिशत ने अलगाव की प्रक्रिया शुरू करने के पक्ष में मतदान किया। अलगाव के विरोध में अभियान चलाने वाले अल्बर्टा के पूर्व उपमुख्यमंत्री थॉमस लुकाशुक ने समर्थकों से कहा, हम एक मजबूत देश हैं, जो एक छोर से दूसरे छोर तक एकजुट है।
मतदान केंद्र देर से खुलने के कारण सोमवार को 100 से अधिक केंद्रों पर मतदान का समय बढ़ाना पड़ा, जिससे नतीजों में देरी हुई। अल्बर्टा के 13.5 लाख से अधिक मतदाताओं, यानी पात्र मतदाताओं के 43 प्रतिशत ने अग्रिम या विशेष मतपत्रों के जरिए मतदान किया। दुनिया के चौथे सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार वाले अल्बर्टा में लंबे समय से केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी रही है।
हालांकि, यह असंतोष पारंपरिक रूप से व्यापक अलगाववादी समर्थन में नहीं बदला है। कार्नी ने इससे पहले अल्बर्टा के लोगों से देश की एकता के पक्ष में निर्णायक मतदान करने की अपील की थी। प्रांत की मुख्यमंत्री डेनियल स्मिथ ने अपनी सत्तारूढ़ यूनाइटेड कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर अलगाववादियों के दबाव के बीच जनमत संग्रह कराया था, हालांकि वह खुद स्वतंत्रता के पक्ष में नहीं हैं।
अलगाव समर्थकों ने कहा है कि प्रस्ताव खारिज होने के बावजूद उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।



