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Make in India के 12 साल: इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 7 गुना बढ़ा, डिफेंस प्रोडक्शन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

‘मेक इन इंडिया’ पहल के 12 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि इस पहल से देश के कई सेक्टर्स में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ भारत के निर्यात और निवेश में भी बढ़ोतरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “भारत में ज्यादा उत्पादन, भारत में ज्यादा निवेश, भारत से ज्यादा निर्यात। हर सेक्टर में बदलाव साफ दिख रहा है!

इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन करीब सात गुना बढ़ा

मेक इन इंडिया की शुरुआत के बाद भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन करीब सात गुना बढ़ा है। यह 2014-15 में 1.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 13.11 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

वहीं, देश में बने रक्षा उत्पादों का मूल्य भी तेजी से बढ़ा है। 2014-15 में यह 46,429 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।

2014 में शुरू हुई थी मेक इन इंडिया पहल

भारत को मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाने के उद्देश्य से 25 सितंबर 2014 को ‘मेक इन इंडिया’ पहल शुरू की गई थी। वर्तमान में यह पहल 27 सेक्टर में लागू है। इनमें 15 मैन्युफैक्चरिंग और 12 सर्विस सेक्टर शामिल हैं।

मोबाइल फोन उत्पादन में करीब 33 गुना बढ़ोतरी

मेक इन इंडिया की अवधि में देश में मोबाइल फोन का उत्पादन करीब 33 गुना बढ़ा है। मोबाइल फोन का उत्पादन 2014-15 में 18,000 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 6.27 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

वॉल्यूम के लिहाज से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन बनाने वाला देश है।

ऑटो सेक्टर में भी बढ़ा उत्पादन

सरकारी फैक्टशीट के अनुसार, 2024-25 में भारत में वाहनों का उत्पादन 31.03 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया। यह 2014-15 के मुकाबले 33 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा 2020-21 की तुलना में 2024-25 में कई श्रेणियों के वाहनों के उत्पादन में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में भी विस्तार

फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री उत्पादन की मात्रा के लिहाज से दुनिया में तीसरे और मूल्य के लिहाज से 11वें स्थान पर है। 2024-25 में इस सेक्टर का सालाना टर्नओवर 4,71,898 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

मेडिकल डिवाइस की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग में भी 48.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह 2019-20 में 28,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 41,500 करोड़ रुपये हो गई है।

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