‘कायरता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा’, अंकिता भंडारी के माता-पिता की हिरासत पर भड़के मल्लिकार्जुन खरगे, केंद्र पर साधा निशाना
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की गुहार लगा रहे उनके माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस घटना को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे मोदी सरकार की “कायरता और संवेदनहीनता की पराकाष्ठा” करार दिया। खरगे का यह बयान उस समय आया जब अंकिता के माता-पिता सिक्किम के नए राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट के पास शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह भी कहा कि न्याय की गुहार लगाने वाले अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लिया गया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़े एक ‘वीआईपी’ को राज्यपाल का पद दिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि यह ‘‘दमन’’ सरकार की ताकत नहीं, बल्कि सवालों से भागने का प्रमाण है। खरगे ने कहा, ‘‘एक बेटी को खो चुके माता-पिता के साथ ऐसा व्यवहार अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
अंकिता के माता-पिता को उस समय हिरासत में लिया गया जब वे सिक्किम के राज्यपाल के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में इंडिया गेट के पास प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस कथित ‘‘वीआईपी’’ की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वह गौतम हैं। 18 सितंबर 2022 में हुई इस हत्या के समय गौतम भाजपा की उत्तराखंड इकाई के प्रभारी थे। इस हत्या मामले को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दल भाजपा और उत्तराखंड सरकार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं।



