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‘जैसे को तैसा’ वाला बयान खट्टर ने लिया वापस, कहा- मैं नहीं चाहता कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े

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पिछले दिनों हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किसान आंदोलन के संदर्भ में “जैसे को तैसा” वाला बयान दिया था। इसके बाद विपक्ष उनपर जमकर हमलावर था। इतना ही नहीं, किसान संगठनों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री के इस बयान पर जबरदस्त तरीके से विरोध जताया था। इन सब के बीच आज हरियाणा के मुख्यमंत्री ने अपना बयान वापस ले लिया है।

खट्टर ने कहा कि मैंने पिछले दिनों एक बयान दिया और वो बयान वास्तव में आत्मरक्षा के लिए दिया गया था। प्रचारित किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने लठ उठाने की बात कही है। ये बात किसी के प्रति दुर्भावना की वजह से नहीं कही गई है। जिन किसान भाईयों को इसका कष्ट पहुंचा है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं उस बयान को वापस लेता हूं। क्योंकि मैं नहीं चाहता कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े या शांति भंग हो।

इसके बाद उन्होंने कहा कि जिन किसान भाईयों को इसका कष्ट पहुंचा है। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि मैं उस बयान को वापस लेता हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़े या शांति भंग हो। आपको बता दें कि लाल खट्टर ने रविवार को यहां भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की एक बैठक के दौरान “जैसे को तैसा” करने के बारे में कहा, जब उन्होंने वहां मौजूद लोगों से 500 से 1000 लोगों का समूह बनाने और जेल जाने के लिये भी तैयार रहने को कहा।

किसानों के जारी आंदोलन से पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में खट्टर ने कहा कि दक्षिण हरियाणा में ज्यादा समस्या नहीं है। और यह राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों तक सीमित है। उन्होंने कहा था कि 500,700,1000 लोगों का समूह बनाओ, उन्हें स्वयंसेवक बनाओ। और उसके बाद हर जगह ‘शठे शाठ्यं समाचरेत’। इसका क्या अर्थ है.. इसका मतलब है जैसे को तैसा। खट्टर ने कहा था कि चिंता मत करो…जब आप वहां (जेल में) एक महीने, तीन महीना या छह महीना रहोगे तो बड़े नेता बन जाओगे। इतिहास में नाम दर्ज होगा।

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