A Symbol of Boldness.

एचबीटीआई का दीक्षांत समारोह सम्पन्न

0

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने आज हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय एचबीटीआई , कानपुर के द्वितीय दीक्षांत समारोह का दीप प्रज्जवलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षण कार्यो के साथ-साथ सामाजिक सारोकार के कार्यो से जुड़े। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के शिक्षण कार्य को बढ़ावा दिये जाने, कुपोषण को समाप्त करने तथा अन्य सामाजिक कार्यो हेतु विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट तैयार कर उसी के अनुरुप कार्यवाही करे। उन्होंने उपाधिधारक छात्र-छात्रओं को उपाधियाॅ वितरित कर बधाई देते हुए कहा कि वह अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसकी प्राप्ति हेतु निरन्तर प्रयत्नशील रहें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक दिन ऐसा होना चाहिए कि स्कूली बच्चे विश्वविद्यालय का भ्रमण करें ताकि वह पठन-पाठन हेतु और अधिक प्रेरित हो सकें।

राज्यपाल द्वारा कोविड-19 महामारी के बावजूद विश्वविद्यालय द्वारा समय से अध्ययन—अध्यापन कार्य, परीक्षा, उसके परिणाम तथा दीक्षान्त समारोह आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रशंसा की। मा0 राज्यपाल ने यह भी कहा कि केवल पढ़ा लिखा होना ही काफी नहीं बल्कि समाज के विभिन्न वर्गो के साथ विश्वविद्यालय का जुड़ाव होना महत्वपूर्ण है तथा यह अपेक्षा की कि विश्वविद्यालय अपने स्तर से आंगनवाडी तथा जरूरतमंद बच्चों की मदद हेतु योगदान करे।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर अनिल डी0 सहस्त्रबुद्धे, चेयनमैन, ए0आई0सी0टी0ई0, नईदिल्ली द्वारा दीक्षान्त भाषण दिया गया। प्रोफेसर सहस्त्रबुद्धे ने नई शिक्षा नीति-2020 के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश तथा विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ हैकेथान आयोजन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी और कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालयों को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। मुख्य अतिथि ने यह भी कहा कि इन्जी0 कालेजों के शिक्षकों के लिए डिग्री के अलावा ए0आई0सी0टी0ई0 नई दिल्ली द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम अनिवार्य होगा जिसमें छः माह के प्रशिक्षण के बाद अपने विश्वविद्यालय में छात्रों को प्रशिक्षित करेंगें।

विशिष्ट अतिथि संदीप सिंह, राज्य मंत्री, प्राविधिक शिक्षा ने प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए राष्ट्र निर्माण के लिए आत्मनिर्भर के सपने को साकार करने हेतु प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी हमारे तकनीकी संस्थानों द्वारा पी.पी.ई किट, वैन्टिलेटर, सैनीटाइजर, एन—95 मास्क इत्यादि के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। इसी क्रम में उन्होंने प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा जनशक्ति निर्माण के साथ महिला सशक्तीकरण, लिंग भेद के अन्तर को दूर करने, अनुसूचित जाति—जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक विकास, दिव्यांगजनों के कल्याणार्थ एवं प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के अर्न्तगत अल्पसंख्यक कल्याण योजनाओं को समावेशित करने के बारे में जानकारी दी।

इसी कम में कुलपति प्रो0 नरेन्द्र बहादुर सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत कर बताया कि विगत वर्ष में विश्वविद्यालय का सेवायोजन 82 प्रतिशत तक होने के साथ-साथ छात्रों का अधिकतम पैकेज 60 लाख तक हुआ। विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने लगभग 150 शोध पत्र प्रस्तुत किए। विश्वविद्यालय ने इस वर्ष कई ख्याति प्राप्त विश्वविद्यालयों के साथ एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित किए, जिसका कार्य प्रगति पर है।

विश्वविद्यालय के नवनिर्माण कार्यों में इलेक्ट्रॉनिक्स इन्जी0, केमिकल इन्जी0, छात्रावास तथा इन्क्यूबेशन भवन का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा विश्वविद्यालय में कुलपति आवास, सभागार तथा बाउन्ड्रीवाल का कार्य प्रगति पर है। दीक्षान्त समारोह में माननीया कुलाधिपति द्वारा कुलाधिपति पदक, शुभम कुमार सिंह बी0टेक, मैकेनिकल इंजी0 को प्रदान किया गया। इसके साथ ही 35 अन्य छात्रों को 13 स्वर्ण, 12 रजत एवं 10 कांस्य पदक प्रदान किये गये।

कुलाधिपति द्वारा समाजसेवा में योगदान प्रदान करने वाले 03 समाज सेवियों, ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह, श्रीमती सरिता क्षत्रिय वहाब तथा धर्मेन्द्र कुमार सिहं को सम्मान स्वरूप मानपत्र भेंट किया गया तथा प्राथमिक विद्यालय, जागेश्वर मन्दिर, कानपुर के 15 विद्यार्थियों को प्रेरणा दायी पुस्तकें एवं फल वितरण किया गया। बी०टेक0 के 445, एम0सी0ए0 के 55 एवं एम०टेक0 के 72 छात्र-छात्राओं को डिग्रियाँ प्रदान की गयीं।

इस अवसर पर मा0 श्री राज्यपाल ने कुलाधिपति पदक शुभम कुमार सिंह बी०टेक०, मैकेनिकल इंजी०, के साथ 12-स्वर्णपदक क्रमशः निर्मल सिंह, निशिता सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, प्रगति अग्रवाल, हर्षित मौर्या, शिवांगी पाण्डेय, पूनम कुमारी, सिद्धार्थ गुप्ता, अम्बर रस्तोगी, नवीन कुमार कुशवाहा, श्रृष्टि सिन्हा, शिवम चैहान, बीटेक, एम०सी०ए० को पदक प्रदान किये।

कार्यक्रम में विधायक सुरेन्द्र मैथानी, जिलाधिकारी श्री आलोक तिवारी, एसएसपी0 डा0 प्रीतिन्दर सिंह सहित विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आदि मौजूद रहे।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More