manipur-rular-Garibnawaj-alias-Gopal-Singh-estate

Manipur की धार्मिक क्रांति के सूत्रधार गरीबनवाज पार्ट-2

पिछले अंक के पार्ट-1 में आपने पढ़ा........ पेना या एकतारा पर गानेवाला व्यक्ति नरक में जाएगा। इस राजाज्ञा के फलस्वरूप मणिपुर (Manipur) लोकगीतों के गान की प्रथा समाप्त हो गई, वह शताब्दियों...
Great lord madhavadev

Great lord madhavadev-महान विभूति

Great Lord Madhavadev का जन्म लेटकुपुखरी में सन 1489 के जेयष्ठ मास की अमावस्या रविवार को हुआ था। महापुरुष शंकरदेव के शिष्य Great lord Madhavadev विविध प्रतिभाओं से युक्त एक विराट...
Shrimanta Shankardev 

Shrimanta Shankardev-महान विभूति भाग-2

Shankardev-महान विभूति के मुख्य भाग में आपने पढ़ा कि....... इसे भी पढ़ें:  http://northindiastatesman.com/shrimanta-shankardev/ Shankardev  की रचनाओं में बरगीतों का महत्वपूर्ण स्थान है। ये गीत असमिया काव्य की बहुमूल्य देन है। अब इसके आगे पढ़िए कि.......... Shankardev  द्वारा...
Vande Mataram

क्या है वन्दे मातरम् (Vande-mataram)

1870 में बकिंम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा कम्पोज की गई एक कविता है, जिसे उन्होंने 1881 में रचित अपने उपन्यास 'आनन्द मठ में सम्मलित किया।इसका बंगाली प्रोननसियेशन बन्दे मातरम् है। वन्दे मातरम् ने...
myanmar-GaribNawaj

Manipur की धार्मिक क्रांति के सूत्रधार GaribNawaj पार्ट-3

पिछले अंक के पार्ट-2 में आपने पढ़ा…….. इनके शासनकाल में विभिन्न वैष्णव-संप्रदायों के धर्मप्रचारकों के आने तथा उनको प्रभावित करने के ऐतिहासिक प्रमाण मिलते हैं। इस संबंध में विवाद भी है, किंतु...
Shankardev

Shrimanta Shankardev-महान विभूति भाग-3

Shankardev-महान विभूति के भाग-2  में आपने पढ़ा कि..... भक्ति के आचार्यों एवं कबीर आदि संतों से मिलने से उनके भक्त और कवि को नई दिशा प्राप्त हुई। तीर्थाटन से लौटकर Shankardev ने...
Rajendra Nath Lahiri-NIS

A-Revolutionary-राजेंद्रनाथ लाहिड़ी

राजेंद्रनाथ लाहिड़ी एक नि:स्वार्थ क्रांतिकारी शहीद राजेंद्रनाथ लाहिड़ी का जन्म 1892 में बंगाल के पबना जिले (अब बांग्लादेश में) के मोहनपुर गांव में हुआ था।1905 में वह बनारस आए। जहां केंद्रीय हिंदू कॉलेज...
Myanmar-Rangoon

धार्मिक क्रांति के सूत्रधार पामहैबा

मणिपुर के महाराज चराईरौङबा ने सन 1704 ई० में यज्ञोपवीत धारण किया था और 1707 ई० में भगवान विष्णु के मंदिर का निमार्ण करवाया था। उनकी दूसरी रानी निङथीन चाइबी की...
Roshan Singh_Asfaqulla Khan-NIS

मौत पर मुस्कुराने वाले Revolutionary रोशन सिंह

रोशन सिंह काकोरी कांड के चौथे शहीद थे। इनका जन्म 1894 में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में हुआ था। ये मिडिल तक ही पढ़े थे, मगर इन्होंने प्राथमिक विद्यालय में...
burma-myanmar-singapore-trip

धार्मिक क्रांति के सूत्रधार पामहैबा, पार्ट-1

गतांक से आगे पढ़िए....... कुछ इतिहासकारों का मत है कि शान्तिदास अधिकारी नामक वैष्णव संत, जो वैष्णव धर्म के प्रचार हेतु उस समय मणिपुर आए हुए थे, ने पामहैबा के राजवंशी होने...

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