Triple-Talaq-Bill
Triple-Talaq-Bill

22 अगस्त 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने एक बार में Triple Talaq को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था। इसी आदेश के तहत भारत सरकार ने इसे कानून का रूप देने के लिए संसद में पेश कर दिया। इस बिल को सबसे पहले भुक्तभोगी महिला के सन्दर्भ में ही विवेचित किया जाना प्रासंगिक होगा।

Laddu-to-Narendra-Modi-on-Triple-Talaq.
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इस बिल पर लोकसभा में ओवैसी ने कहा कि इससे मूलभूत अधिकारों का हनन होगा। बिल के विरोध में राजद, बीजद भी ताल ठोंके हुए हैं। इससे तो यही देखने को मिलता है कि जो भी विरोध कर रहा है, वो यही चाहता है कि नारी को उसके मूलभूत अधिकारों से वंचित रखना ही उनका ऐजेण्डा है।………..जारी

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