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Pinglak

ढोल की पोल अंतिम किस्त

गतांक पार्ट-3 से आगे अंतिम किस्त दमनक बोला, ‘‘अरे तू हमारे महाराज पिंगलक को भी नहीं जानता ? कुछ ही देर में तुझे जो मजा चखने को मिलेगा उससे तुझे उनका पूरा परिचय मिल जाएगा। तूझे दिखाई नहीं देता कि वहां बरगद के पेड़ के नीचे, वन के सभी प्राणियों…

ढोल की पोल,पार्ट-3

गतांक से आगे पार्ट—3 दमनक संजीवक के पास पहुंचा तो देखना क्या है कि यह तो बैल है। कोई सियार ऐसी हालत में जितना खुाश हो सकता है उतना खुश् होते हुए और ऐसी खुशी में जितना झूम सकता है उतना झूमते हूए उसने अपने आप से कहा, अरे, मजा आ गया। अब तो

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-18

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-17 में आपने पढ़ा कि …….. Damanak ने बताया कि महाराज, योग्य लोग तो कहीं भी पैदा हों, अपनी योग्यता से दुनिया को यह बात और दिखा ही देते हैं कि वे क्या हैं। अब इससे आगे पढ़िए, भाग-18 ………… Damanak बोला, जन्म से…

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-15

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-14 में आपने पढ़ा कि …….. Damanak देख रहा था कि उससे कुछ बेअदबी हो रही है पर इस समय उसकी बात का असर हो रहा था। बात सूक्तियों के बहाने कही जा रही थी। King पिंगलक इसकी काट करता या इस पर चिढ़ता तो इससे उसकी…

PanchTantra-टका नहीं तो टकटका भाग-5

पिछले अंक, PanchTantra-टका नहीं तो टकटका भाग-4 में आपने पढ़ा कि………. एक तरह से साथ के व्यापारी सही भी थे। बैल को बचाने के लिए आदमियों का जान चली जाए तो यह भावुकता महंगी पड़ेगी। जान और माल (Goods) तो वर्धमान का भी खतरे में था। वर्धमान की समझ…