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PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-15

PANCH TANTRA

PanchTantra की कहानी-King & Damanak भाग-15

NIS Digital Team March 21, 2018
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पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-14 में आपने पढ़ा कि ……..

Damanak देख रहा था कि उससे कुछ बेअदबी हो रही है पर इस समय उसकी बात का असर हो रहा था। बात सूक्तियों के बहाने कही जा रही थी। King पिंगलक इसकी काट करता या इस पर चिढ़ता तो इससे उसकी मूर्खता साबित हो जाती।

अब इससे आगे पढ़िए, भाग-15 …………

इस समय Damanak नहीं बोल रहा था। राजा की उपेक्षा से उसे इतने दिनों तक जो अपमान झेलना पड़ा था उसी की पीड़ा बोल रही थी। Damanak एक ही बात को बार-बार अलग-अलग सुभाषितों के बहाने दुहराकर अपने मन को हल्का कर रहा था।

Damanak ने ऊपर से नम्रता दिखाते हुए कहा, महाराज जिस देश में मणियों के परीक्षक नहीं होते वहां मोतियों का मोल कौन समझेगा। नासमझ गंवारों के हाथ में यदि चंद्रकांत मणि पड़ जाए तो वे उसे तीन कौडिय़ों में बेचकर भी समझेंगे, कि उन्होंने खरीदार को लूट लिया।

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