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SATTA PAKSHA

राम मंदिर-सुशासन भारी पड़ा बिहार में

बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को विधान सभा चुनावों में मिली सफलता ने तो यह सिद्ध कर ही दिया कि अब बिहार की12 करोड़ प्रबुद्ध जनता लालू-राब़ड़ी देवी के जंगलराज में फिर से वापस जाने के लिए तैयार नहीं है। उस दौर की दहशत तो अभी भी…

बल्लभगढ़ से यूरोप तक फैले इस्लामिक जेहादी

बल्लभगढ़ से यूरोप तक फैले इस्लामिक जेहादी, देश-दुनिया को किस जगह पर पहुंचाना चाहते हैं।  किसी युवक-युवती में प्रेम होना या एकतरफा प्रेम होना सदियों से चली आ रही सामान्य बातें हैं। यह भी होता है कि अनेकों बार एक-दूसरे के चाहने वालों में कई…

भारत से क्या रिश्ता है पाक के विपक्ष का

पाक अपोजीशन (पाकिस्तान के विपक्ष) का भारत से भी कोई संबध है? भले ही इस तरह की कोई बात न हो. क्योंकि; भारत का तो कभी किसी अन्य मुल्क के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का इरादा तो कभी रहा ही नहीं है. पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान…

मैं आपके बाप का नौकर तो नहीं-वरूण गांधी

"मैं आपके बाप का नौकर तो नहीं  कि आप रात में 9:30 बजे मुझे फोन कर रहे हैं।" इस मीठी वाणी के मालिक हैं, सांसद वरुण गांधी, सांसद मेनका गांधी के महान सुपुत्र। ऑडियो वायरल है, कोई आदमी कॉल करता है, किसी काम से तो सांसद वरूण गांधी ने जवाब…

बोरवेल के लिए एनओसी की आवश्यकता नहीं

सरकार का कहना है कि यदि आप अपने घर में बोरवेल लगाना चाहते हैं या किसी और साधन से जमीन से पीने का पानी निकालना चाहते हैं तो आपको सरकार से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने अपने एक नोटिफिकेशन के द्वारा इसका रास्ता साफ कर दिया है।…

भारत के ब्रांड एंबेसेडर ही बने रहें भारतवंशी तो बेहतर

न्यूजीलैंड के आम चुनाव में जैसिंडा आर्डर्न की लेबर पार्टी विजय रही है। उसे 49.1% वोट मिले हैं,जो कि करीब 64 संसद सीटों में तब्दील होंगे। 1946 के बाद से यह लेबर पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। वहीं, नेशनल पार्टी को मात्र 26.8% वोट मिले

खत्म हो शिक्षा के नाम पर धर्म के प्रचार की छूट

यह सवाल अपने आप में आज के दिन बेहद महत्वपूर्ण है कि क्या भारत में शिक्षा के नाम पर धर्म प्रचार की अनुमति जारी रहनी चाहिए? किसे नहीं पता कि धर्म प्रचार के कारण हमारे अपने देश में और पूरे विश्व में करोड़ों लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं और

तो क्या इसी तरह बेशर्मी से जहर उगलते रहेंगे फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला उम्र बढ़ने के साथ धीर-गंभीर और संतुलित और शांत होने की बजाय अनाप-शनाप बोलने से अब भी बाज नहीं आते। यह उनकी हताशा भी हो सकती है कि वे अब जम्मू-कश्मीर और देश की राजनीति में कतई महत्वपूर्ण नहीं रहे। उन्हें अब कोई गंभीरता से भी

बिहार में कब अम्बानी, अडानी, टाटा, महिन्द्रा करेंगे निवेश

बिहार एक बार फिर से चुनावी समर के लिए तैयार है। राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेताओं का जनसंपर्क अभियान जारी है। अब जल्दी ही वहां चुनावी सभाएं भी चालू हो जाएंगी। सभी दलों के नेता जनता से तमाम वादे भी करेंगे। फिऱ ये दल अपने

हाथरस पर हल्ला करने वाले कौन

उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक दलित कन्या के साथ बलात्कार और हत्या से सारा देश गुस्से में है। यह स्वाभाविक ही है। अब उत्तर प्रदेश सरकार से यही अपेक्षा की जाती है कि वह पकड़े गए आरोपियों को वही सजा दिलवाएगी जो निर्भया के दोषियों को मिली थी।