PanchTantra की कहानी-बेकार का पचड़ा-भाग-2

0
51
PANCHATANTRA-KING
PANCHATANTRA-KING

पंचतंत्र के बेकार का पचड़ा भाग-1 में आपने पढ़ा कि .………

फिर उस क्रोध आया, और यह याद आया कि इसके बाप ने इसके भविष्य के बारे में ज्योतिषियों से सलाह करके ही इसका नाम करटक रखा होगा। ………

अब इससे आगे पढ़िए, भाग-2  

इसमें कौए की चालाकी है पर उतनी ही कायरता भी। फिर उसे हंसी आई, यदि बाप ने इसका नाम करकट कर दिया होता तो इसने अपने नाम को सार्थक कर दिया होता।

पर तभी उसे एक दुख ने घेर लिया। वह सोचने लगा, मुझे यदि राजा (King) ने मंत्री के पद से अलग कर दिया तो अनुचित भी नहीं किया। वह मैं सोच क्या रहा हूं। मंत्री-पुत्र होकर क्या मेरी समझ यही है कि किसी की एक ही करनी या कथनी को ले कर उसके बारे में राय बना लूं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here