ARYAN में खाने से अच्छा लंगर में खाईये सुकून पाईये

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ARYAN रेस्टोरेन्ट से अच्छा लंगर में खाईये सुकून पाईये

ARYAN रेस्टोरेन्ट में लंच—डिनर लेने से अच्छा लंगर में खाईये  और सुकून पाईयेl
लखनऊ में यश फूड्स की यूनिट बताने वाले ARYAN आर्यन, रेस्टोरेन्ट की लोकल चेन चलाते हैं। गोमतीनगर, हजरतगंज, आलमबाग, सहित एक दर्जनभर जगहों पर विभिन्न नामों का बोर्ड टांगकर धन्धा कर रहे हैं। कहीं करी—लीफ तो कहीं ऐसेन्स का फलैक्स लगाकर जनता को ठग रहे हैं। इसके प्रोप्राइटर कोई खन्ना बताये जाते हैं।
मेरी राय यह है कि यहॉं आर्यन में खाना खाने से अच्छा है आप किसी लंगर में खा लीजिए। वहॉं आपको पैसे भी नहीं देने हैं। आपकी इच्छा करे तो आप दान दे दें। यदि सही में आप दान-पुन्न करना चाहते हैं तो गुरूद्वारे में दान करें, इससे अच्छी दूसरी कोई जगह नहीं जहॉं आपके दान का आॅप्टिमम यूटीलाइजेशन होना तय हो।
गोमतीनगर, विधायक पुरम के रिहायशी इलाके में व्यावसायिक गतिविधि कर र​हे हैं,ARYAN । गोमती नगर के 3/107 नं0 के आवास को नक्शे के विपरीत बड़ा सा हाल बनाकर बाकायदे मुख्य सड़क पर रेस्टोरेन्ट चला रहे हैं। है माई के लाल किसी मुख्यमंत्री अथवा सरकार में दम की कोई कुछ कर ले। या पूछ भर ले कि भाई ये रिहायशी इलाके में कार्मशियल एक्टिविटी कैसे हो रही है?
जबसे जी0एस0टी0 लागू हुआ है, सारे के सारे मोदी को गाली बक रहे हैं।जैसे मोदी इस देश का प्रधानमंत्री ना होकर परचून की दुकान चलाने वाला कोई परचूनिया हो। टैक्स चाहे वैट रहा हो अथवा सर्विस, देता सारा उपभोक्ता ही है। लेकिन इन्हें पूर्व में लगने वाले टैक्स लेने में मजा आता था, तब ये उपभोक्ता द्वारा चुकाये गये टैक्स को स्वंय और विभाग के अधिकारियों से बंदरबाट करके हजम कर जाया करते थे।
जी0एस0टी0 में इन्हें आॅनलाइन टैक्स इनवाइस जेनरेट करनी पड़ती है। इसलिए इन्होंने पुन: चालबाजी का तरीका निकाल लिया है। अब यदि आप इनके यहॉं खाना खाने गये तो ये पहले ही आपसे पेमेन्ट ले लेंगे। अब खाना खाने के बीच में आपको दो और रोटी की जरूरत है, तो खाना छोड़कर उठिये और दो रोटी का बिल कटवाईये, फिर रोटी के लिए खड़े रहिये। जब अन्दर से आयेगी तब लीजिये, फिर टेबल पर जाइये—तब खाइये।
कस्टमर वहॉं खाना खाने गया ​है या शरणार्थी है कि भीख का खाने गया है। प्लेट में वस्तु की मात्रा ही कम रहती है। वजन का कोई हिसाब नहीं है।जबकि रेलवे में मिलने वाले नाश्ते और खाने के प्रत्येक आईटम के वजन को डिसप्ले किया जाता है। एक प्लेट में कितने ग्राम देंगे और हॉफ प्लेट में कितने ग्राम। यदि आपको करी कम पड़ गई तो वह फिर नहीं मिलेगी।
आप कितना हीे कहें कि भई करी के पैसे चार्ज कर लीजियेगा, लेकिन आपको करी नहीं मिलेगी, तो नहीं मिलेगी। आप पुन: दूसरा आर्डर काउन्टर पर जाकर प्लेस करें, उसका भुगतान करें तब आपको प्लेट मिलेगी। जो ये दे रहे हैं, वो मानक से कहीं कम है। चिकन करी में तन्दूरी चिकन के पीस डालकर आपको बटर चिकन बताकर दे देंगे। करी में कच्चा पानी बढ़ाकर सर्व कर देंगे।
देश के प्रधानमंत्री आदेश करते हैं कि रेस्टोरेन्ट में खाना बर्बाद ना हो। जितनी जरूरत है उतना ही दिया जाये तथा उसी  के हिसाब से पैसे वसूल किये जायें। आर्यन के यहॉं पैसे देकर बेइज्जती के साथ खाने से तो अच्छा है कि आप किसी लंगर में खा लें।
वहॉं कम से कम इज्जत से तो खाना मिलता है। वह भी श्रद्धा के साथ और बड़े ही मान सम्मान के साथ। उसके बाद भी आप जितना खाना चाहें उतना मिलता है। वह भी बगैर पैसों के। वहॉं ये नहीं कहा जाता कि अब दुबारा करी नहीं मिलेगी। जबकि आप वहॉं पैसे नहीं दे रहे हैं।
ये कैसे खन्ना हैं जो कस्टमर से पैसे भी मनमाने वसूल कर रहे हैं और उसे भिखारी भी समझ रहे हैं। लंगर में अपने भी सम्मान से खाते होंगे, लेकिन कस्टमर को भिखारी समझ रहे र्हैं। इनका जी0एस0टी0 नं0 है 09AHQPK7119K1ZQ लेकिन यदि आप कहें कि मेरा जी0एस0टी0 नं0 डालकर इनवाइस जेनरेट करिये तो वे ऐसा नहीं करते। क्यों? यदि उपभोक्ता को टैक्स क्रेडिट इनपुट लेना है तो कैसे लेगा? जब वह टैक्स दे रहा है तो उसे भी पता लगे कि उसके द्वारा दिया गया टैक्स सही में उसके खाते से सरकार के खाते में गया।
यदि इस पर जॉच नहीं की गई तो इस जी0एस0टी0 का हाल भी खन्ना जैसे व्यापारी वैट की तरह कर देंगे। इसलिए सम्बन्धित अधिकारी देखें कि आर्यन कैसे और क्यों टैक्स इनवाइस में उपभोक्ता का जी0एस0टी0 डालकर इनवाइस नहीं दे रहा। कहीं फर्जी एंट्री तो नहीं हो रही? कस्टमर को दिये जाने वाले इनवाइस अलग हों और जी0एस0टी0 साइट पर लोड की जाने वाली इनवाइस दूसरी हो?
चेक करने के लिए यहॉं उस इनवाइस की फोटो डाली जा रही है, जो दिनांक 30 सितम्बर 2017 को इनवाइस नं0 से जारी की गई है। एचएससी कोड है 996331, टोकन नं0 है 149 और सेल टाइप है-डी/1

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